ye soch kar din raat rota hai koii | ये सोच कर दिन रात रोता है कोई

  - Kartik Bhalerao
येसोचकरदिनरातरोताहैकोई
दिलसेबड़ाभीतोहफ़ाहोताहैकोई
उसकीवफ़ादौलतकेआगेमरगई
क़ातिलमोहब्बतकाभीहोताहैकोई
सिन्दूरतेरादेखकरजलजाएँगे
कहनायेतेरेसाथसोताहैकोई
उम्मीदहैयेदिललगेगाएकदिन
बंजरज़मींपेइश्क़बोताहैकोई
ख़ुद-ग़र्ज़दुनियामेंबड़ादुखहोताहै
जबसाहिब-ए-दिलतुझसाखोताहैकोई
वोचाँदआएगाज़मींपेटूटकर
ता'बीरख़्वाबोंकीपिरोताहैकोई
  - Kartik Bhalerao
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