naya ik zakhm kh | नया इक ज़ख़्म खाना चाहता हूँ

  - Karan Sahar
नयाइकज़ख़्मखानाचाहताहूँ
सबबलेकिनपुरानाचाहताहूँ
तुम्हेंकैसेख़बरपहुँचेकिअबभी
मैंतुमकोयादआनाचाहताहूँ
हमारेदरमियाँजोफ़ासिलाहै
मैंउसपरपुलबनानाचाहताहूँ
यहीमौक़ा'हैमेरेघरजलादो
मैंहिजरतकाबहानाचाहताहूँ
मुसलसलअपनीसाँसेंख़र्चकरके
तेरीयादेंकमानाचाहताहूँ
ख़ुदायामैंतेरेउजड़ेचमनसे
निकलनेकाबहानाचाहताहूँ
  - Karan Sahar
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