qusoor-e-ishq ka marna rivaayat thii rivaayat hai | क़ुसूर-ए-इश्क़ का मरना रिवायत थी रिवायत है

  - Karal 'Maahi'
क़ुसूर-ए-इश्क़कामरनारिवायतथीरिवायतहै
दर-ए-माशूक़दफ़नानारिवायतथीरिवायतहै
मजाज़ीइश्क़वालोंकीयेफ़ितरतहैकिक़स्दनही
भरीमहफ़िलमुकरजानारिवायतथीरिवायतहै
  - Karal 'Maahi'
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