शरीक-ए-सफ़रकरभीलोअबमुझेतुम
किमिलने-मिलानेकोजीचाहताहै
सफ़रनाककीसीधकाख़त्मकरके
क़दमलड़खड़ानेकोजीचाहताहै
सजाऊँतेरेगेसुओंपरमैंगजरा
तुझेफिरलुभानेकोजीचाहताहै
मुनाफ़ाबहुतपालियासब्ररखकर
मिराअबगँवानेकोजीचाहताहै
मुझेतुमसेेहैचाहतोंकीतवक़्क़ो
येसुनने-सुनानेकोजीचाहताहै
उनआँखोंकीसरहदपेहैजोनुमायाँ
वोस्याहीचुरानेकोजीचाहताहै
कहींकरनदूँमैंजुदाख़ुदकोउनसे
यूँँडरकरडरानेकोजीचाहताहै
मुझेमैंपुरानाबहुतयादआऊँ
मिराअबभुलानेकोजीचाहताहै
नज़रसेहैज़ाहिरजोप्यारउनकीख़ातिर
उन्हींसेछिपानेकोजीचाहताहै
हैवहशतकीहदसेसिवाइश्क़मेरा
किख़ुदकोबचानेकोजीचाहताहै