रम्ज़-ए-हद जब उभारता है कोई

  - Karal 'Maahi'
रम्ज़-ए-हदजबउभारताहैकोई
ज़िंदगीदेकेमारताहैकोई
नामदेकरजिहादक़त्ल-ए-आम
मौतजैसेउदारताहैकोई
हारजाताहैपूराकुनबाही
ज़िंदगीजबभीहारताहैकोई
आइनावहममेंहैबरसोंसे
उस
मेंख़ुदकोसँवारताहैकोई
होकेपर्दा-नशींवोकहतेहैं
यूँँकिसीकोनिहारताहैकोई
  - Karal 'Maahi'
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