tere mere ghar ki haalat baahar kuchh aur andar kuchh | तेरे मेरे घर की हालत बाहर कुछ और अंदर कुछ

  - Kalim Akhtar
तेरेमेरेघरकीहालतबाहरकुछऔरअंदरकुछ
जैसेहोफूलोंकीरंगतबाहरकुछऔरअंदरकुछ
बाहरबाहरख़ामोशीहैअंदरअंदरहंगामा
कैसीहैयेजिस्मकीहिद्दतबाहरकुछऔरअंदरकुछ
लफ़्ज़हैकुछऔरमा'नीकुछहरमिसरेमेंफ़नकारहैग़म
ऐसेवैसेशे'रकीलज़्ज़तबाहरकुछऔरअंदरकुछ
क्यूँँआँखमेंआँसूआएक्यूँँदिलकोचोटलगे
अपनेअपनेदेसकीहालतबाहरकुछऔरअंदरकुछ
कोईशायदजानसकेगासूरजकीमतवालीचाल
शहरमेंक्यूँँहैधूपकीशिद्दतबाहरकुछऔरअंदरकुछ
गहरीनज़रवालोंमें'अख़्तर'रौशनहैपहचानअलग
फिरभीक्यूँँहैआपकीइज़्ज़तबाहरकुछऔरअंदरकुछ
  - Kalim Akhtar
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