zamaane se bichhadte ja rahe hain | ज़माने से बिछड़ते जा रहे हैं

  - Kaleem Rahber
ज़मानेसेबिछड़तेजारहेहैं
हमआपसमेंजोलड़तेजारहेहैं
मोहब्बतकीबहारेंखोगईहैं
चमनदिलकेउजड़तेजारहेहैं
तकब्बुरसेज़मींपरगिरपड़ेंगे
बुलंदीपरजोचढ़तेजारहेहैं
तअ'स्सुबकीउगीहैफ़स्लजबसे
मसाइलऔरबढ़तेजारहेहैं
फ़सादोंकीहवाथमनेलगीहै
कबूतरलेपकड़तेजारहेहैं
ख़िज़ाँकादौरशायदगयाहै
येबर्ग-ओ-गुलजोझड़तेजारहेहैं
पुरानेपेड़'रहबर'आंधियोंमें
ज़मीनोंसेउखड़तेजारहेहैं
  - Kaleem Rahber
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