हरसम्तख़ुद-नुमाईकामंज़रहैआज-कल
रहज़नभीअपनेआपमेंरहबरहैआज-कल
झुलसादियाहैजैसेज़मानेकीधूपने
प्यासाहैजिसकानामसमुंदरहैआज-कल
हरशख़्सचाहताहैमिलेमर्तबामुझे
हरएकअंधीसोचकाख़ूगरहैआज-कल
इस्मतसेखेलनायहाँजिसकाशिआ'रहै
सबकीनिगाहमेंवहीबरतरहैआज-कल
ज़रदारजितनेशहरमेंथेउनकोघरमिले
घरउसकोमिलनपायाजोबे-घरहैआज-कल
जोशख़्सअपनेदौरकाआईना-दारथा
अफ़्सोसउसकेहाथमेंपत्थरहैआज-कल
लफ़्ज़ोंमेंकिसतरहइसे'रहबर'बयाँकरूँँ
इसदिलकेआईनेमेंजोमंज़रहैआज-कल