zaKHmon ke naye phool khilaane ke li.e aa | ज़ख़्मों के नए फूल खिलाने के लिए आ

  - Kaleem Aajiz
ज़ख़्मोंकेनएफूलखिलानेकेलिए
फिरमौसम-ए-गुलयाददिलानेकेलिए
मस्तीलिएआँखोंमेंबिखेरेहुएज़ुल्फ़ें
फिरमुझेदीवानाबनानेकेलिए
अबलुत्फ़इसीमेंहैमज़ाहैतोइसीमें
मिरेमहबूबसतानेकेलिए
रखदहन-ए-ज़ख़्मपेफिरउँगलियाँअपनी
दिलबाँसुरीतेरीहैबजानेकेलिए
हाँकुछभीतोदेरीनामोहब्बतकाभरमरख
दिलसेदुनियाकोदिखानेकेलिए
मानाकिमिरेघरसेअदावतहीतुझेहै
रहनेकोआगलगानेकेलिए
प्यारेतिरीसूरतसेभीअच्छीहैजोतस्वीर
मैंनेतुझेरक्खीहैदिखानेकेलिए,
आशुफ़्ताकहेहैकोईदीवानाकहेहै
मैंकौनहूँदुनियाकोबतानेकेलिए
कुछरोज़सेहमशहरमेंरुस्वाहुएहैं
फिरकोईइल्ज़ामलगानेकेलिए
अबकेजोवोजाएतो'आजिज़'उसेलेकर
महफ़िलमेंग़ज़लअपनीसुनानेकेलिए
  - Kaleem Aajiz
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