manzarakashi men aankh se manzar nikal gaya | मंज़रकशी में आँख से मंज़र निकल गया

  - "Nadeem khan' Kaavish"
मंज़रकशीमेंआँखसेमंज़रनिकलगया
इकहादसाजोहाथसेबाहरनिकलगया
दुनियासेकूदकरमैंतेरेपासआयाथा
अफ़सोसतूभीदुनियाकेअंदरनिकलगया
मुद्दतकेबादघरकीतरफ़लौटनाहुआ
देखातोजानाघरसेमेरेघरनिकलगया
बच्चोंकोशहरभेजनेकीबातआईतो
माँकेगलेसेअक़्दकाज़ेवरनिकलगया
ऐसेभीमेरीजीतहुईहारतेहुए
वाहिदखड़ाथाजंगमेंलश्करनिकलगया
मैंशहरमेंदोपैसाकमानेकोनिकलाथा
तबतकवोशख़्सग़ैरकाबनकरनिकलगया
काग़ज़पेएकतीरथादिलचीरताहुआ
दिलकोतसल्लीथीकियेख़ंजरनिकलगया
तहज़ीबथी,अदबभीथाउसवक़्तऔरआज
बच्चोंकेदिलसेबापकाभीडरनिकलगया
  - "Nadeem khan' Kaavish"
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