मिरेआँसुओंपेनज़रनकरमिराशिकवासुनकेख़फ़ानहो
उसेज़िंदगीकाभीहक़नहींजिसेदर्द-ए-इश्क़मिलानहो
येइनायतेंयेनवाज़िशेंमिरेदर्द-ए-दिलकीदवानहीं
मुझेउसनज़रकीतलाशहैजोअदा-शनास-ए-वफ़ानहो
तुझेक्याबताऊँमैंबे-ख़बरकिहैदर्द-ए-इश्क़मेंक्याअसर
येहैवोलतीफ़सीकैफ़ियतजोज़बाँतकआएअदानहो
येशराबज़ेर-ए-हसीं-घटाजोहै'कैफ़'नाज़िश-ए-मै-कदा
किसीतिश्ना-कामकीआरज़ूकिसीतिश्ना-लबकीदु'आनहो