mire aañsuon pe nazar na kar mira shikwa sun ke KHafaa na ho | मिरे आँसुओं पे नज़र न कर मिरा शिकवा सुन के ख़फ़ा न हो

  - Kaif Ikrami
मिरेआँसुओंपेनज़रकरमिराशिकवासुनकेख़फ़ाहो
उसेज़िंदगीकाभीहक़नहींजिसेदर्द-ए-इश्क़मिलाहो
येइनायतेंयेनवाज़िशेंमिरेदर्द-ए-दिलकीदवानहीं
मुझेउसनज़रकीतलाशहैजोअदा-शनास-ए-वफ़ाहो
तुझेक्याबताऊँमैंबे-ख़बरकिहैदर्द-ए-इश्क़मेंक्याअसर
येहैवोलतीफ़सीकैफ़ियतजोज़बाँतकआएअदाहो
येशराबज़ेर-ए-हसीं-घटाजोहै'कैफ़'नाज़िश-ए-मै-कदा
किसीतिश्ना-कामकीआरज़ूकिसीतिश्ना-लबकीदु'आहो
  - Kaif Ikrami
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