तिरी आँखों के ये काँसे बड़ी हैरत में डाले हैं

  - 'June' Sahab Barelvi
तिरीआँखोंकेयेकाँसेबड़ीहैरतमेंडालेहैं
कभीदो-बाबलगतेहैंकभीलगतेपियालेहैं
चश्म-ए-नमकोईग़ममैंबसख़ामोशरहताहूँ
निरालाइश्क़हैमेरानिरालेमेरेनालेहैं
तिरेपैकरकाइकसायाहमेशासाथरहताहै
यहीग़म-ख़्वारहैमेराइसीनेग़मसँभालेहैं
यूँँॅंहीकलज़िक्रछेड़ाथाकिसीअग़्यारकाउसने
हमअपनेज़ेहनमेंतबसेकईवहमोंकोपालेहैं
सोयेवाबस्तगीअपनीफ़क़तशाइस्तगीसेहै
हमारीज़ातक्याहमतोमुहब्बतकरनेवालेहैं
  - 'June' Sahab Barelvi
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