girah haya kii agar pairhan ko lag jaa.e | गिरह हया की अगर पैरहन को लग जाए

  - 'June' Sahab Barelvi
गिरहहयाकीअगरपैरहनकोलगजाए
तोअहमियतकापताहरबदनकोलगजाए
अबइतनीभीदिखादिलरुबाईतूसबको
किचश्म-ए-बदतिरेमाशूक़-पनकोलगजाए
यूँँबे-लिबासहुआकरसामनेमेरे
नज़रमिरीतिरेगुल-बदनकोलगजाए
ग़ज़लमैंकरदूँमुकम्मलमगरयेमिस्रा-ए-तर
ख़ुदाकरेकिगिरहइकसुख़नकोलगजाए
मेरेभीफ़नकेदिखेंमोजिज़ेअगरजानाँ
तेरेसुख़नकीनज़रमेरेफ़नकोलगजाए
  - 'June' Sahab Barelvi
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