muhabbat se kabhi jisne chadhaai seeriyaan mujhko | मुहब्बत से कभी जिसने चढ़ाई सीढ़ियाँ मुझको

  - Jitendra "jeet"
मुहब्बतसेकभीजिसनेचढ़ाईसीढ़ियाँमुझको
वफ़ाकेनामपरदेदीउसीनेबेड़ियाँमुझको
हुआऐसामेरीख़ातिरकोईपंखेसेलटकाथा
रुलातीआजभीदेखोउसीकीसिसकियाँमुझको
जहाँपरफूलखिलतेथेबहारेंसाथगातीथीं
चिढ़ातींआजदेखोबाग़कीवोतितलियाँमुझको
रखासरगोदमेंमाँकीतोसारीरातसोयाहूँ
सुनाईदेरहीहैंयेकिसीकीलोरियाँमुझको
हुआअर्साकिसोयाहीनहींहूँयादमेंतेरी
खिलाईजारहीहैंनींदकीयेगोलियाँमुझको
  - Jitendra "jeet"
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