kabhi us paar jaata hooñ to dariyaa rok leta hai | कभी उस पार जाता हूँ तो दरिया रोक लेता है

  - Jitendra "jeet"
कभीउसपारजाताहूँतोदरियारोकलेताहै
मुझेतेरीकहानीकावोक़िस्सारोकलेताहै
नहींमालूमशहज़ादीसेक्याकहताहैशहज़ादा
मुझेजबअक्सदिखताहैतोशीशारोकलेताहै
वहींलटकाहुआहैबापकागमछानहींउतरा
उतारूँमैंअगरइसकोतोपँखारोकलेताहै
तेरीयादोंकीख़ुशबूखिड़कियोंसेरोज़आतीहै
मैंकहताहूँजोजानेकोतोकमरारोकलेताहै
मुसाफ़िरहूँपुरानाइश्क़मुझकोयादआताहै
गलीसेजबगुज़रताहूँतोरस्तारोकलेताहै
बताकैसेदिखेमुझकोवोछतसेचाँदसामुखड़ा
येमौसमसर्दियोंकाहैकुहासारोकलेताहै
ग़ज़लकोछोड़करजबभीनयामैंशे'रलिखताहूँ
ग़ज़लकाफिरवहीमिसराअधूरारोकलेताहै
  - Jitendra "jeet"
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