निगाहोंसेछुपकरकहाँजाइएगा
जहाँजाइएगाहमेंपाइएगा
मेराजबबुराहालसुनपाइएगा
ख़िरामां-ख़िरामांचलेआईएगा
मिटाकरहमेंआपपछ्ताइएगा
कमीकोईमहसूसफ़रमाइएगा
नहींखेलनासेहजुनूँकीहक़ीक़त
समझलीजिएगातोसमझाइएगा
हमेंभीयेअबदेखनाहैकिहमपर
कहाँतकतवज्जोहनफ़रमाइएगा
सितमइश्क़मेंआपआसाँनसमझें
तड़पजाइएगाजोतड़पाइएगा
येदिलहैइसेदिलहीबसरहनेदीजे
करमकीजिएगातोपछ्ताइएगा
कहींचुपरहीहैज़बान-ए-मोहब्बत
नफ़रमाइएगातोफ़रमाइएगा
भुलानाहमारामुबारक-मुबारक
मगरशर्तयेहैनयादआईएगा
हमेंभीनअबचैनआएगाजबतक
इनआँखोंमेंआँसूनभरलाइएगा
तेराजज़्बा-ए-शौक़हैबे-हक़ीक़त
ज़राफिरतोइरशादफ़रमाइएगा
हमींजबनहोंगेतोक्यारंग-ए-महफ़िल
किसेदेखकरआपशरमाइएगा
मोहब्बत-मोहब्बतहीरहतीहैलेकिन
कहाँतकतबीअतकोबहलाइएगा
नहोगाहमाराहीआग़ोशख़ाली
कुछअपनाभीपहलूतहीपाइएगा
जुनूँकी'जिगर'कोईहदभीहैआख़िर
कहाँतककिसीपरसितमढाइएगा