allah agar taufeeq na de insaan ke bas ka kaam nahin | अल्लाह अगर तौफ़ीक़ न दे इंसान के बस का काम नहीं

  - Jigar Moradabadi
अल्लाहअगरतौफ़ीक़देइंसानकेबसकाकामनहीं
फ़ैज़ान-ए-मोहब्बतआमसहीइरफ़ान-ए-मोहब्बतआमनहीं
येतूनेकहाक्यानादाँफ़य्याज़ी-ए-क़ुदरतआमनहीं
तूफ़िक्रनज़रतोपैदाकरक्याचीज़हैजोइनआमनहीं
या-रबयेमक़ाम-ए-इश्क़हैक्यागोदीदा-ओ-दिलनाकामनहीं
तस्कीनहैऔरतस्कीननहींआरामहैऔरआरामनहीं
क्यूँँमस्त-ए-शराब-ए-ऐश-ओ-तरबतकलीफ़-ए-तवज्जोहफ़रमाएँ
आवाज़-ए-शिकस्त-ए-दिलहीतोहैआवाज़-ए-शिकस्त-ए-जामनहीं
आनाहैजोबज़्म-ए-जानाँमेंपिंदार-ए-ख़ुदीकोतोड़के
होश-ओ-ख़िरदकेदीवानेयाँहोश-ओ-ख़िरदकाकामनहीं
ज़ाहिदनेकुछइसअंदाज़सेपीसाक़ीकीनिगाहेंपड़नेलगीं
मय-कशयहीअबतकसमझेथेशाइस्तादौर-ए-जामनहीं
इश्क़औरगवाराख़ुदकरलेबे-शर्तशिकस्त-ए-फ़ाशअपनी
दिलकीभीकुछउनकेसाज़िशहैतन्हायेनज़रकाकामनहीं
सबजिसकोअसीरीकहतेहैंवोतोहैअमीरीहीलेकिन
वोकौनसीआज़ादीहैयहाँजोआपख़ुदअपनादामनहीं
  - Jigar Moradabadi
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