nikal gulaab kii mutthi se aur KHushboo ban | निकल गुलाब की मुट्ठी से और ख़ुशबू बन

  - Jawayd Anwar
निकलगुलाबकीमुट्ठीसेऔरख़ुशबूबन
मैंभागताहूँतेरेपीछेऔरतूजुगनूबन
तूमेरेदर्दकीख़ामोशहिचकियोंमें
तूमेरेज़ख़्मकीतन्हाइयोंकाआँसूबन
मैंझीलबनताहूँशफ़्फ़ाफ़पानियोंसेभरी
तूदौड़दौड़थकाबे-क़रारआहूबन
तूमेरीरातकीतारीकियोंकोगाढ़ाकर
मेरेमकानकातन्हाचराग़भीतूबन
फिरउसकेबादसभीवुसअतेंहमारीहैं
मैंआँखबनताहूँ'जावेद'औरतूबाज़ूबन
  - Jawayd Anwar
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