na hua naseeb qaraar-e-jaan hawas-e-qaraar bhi ab nahin | न हुआ नसीब क़रार-ए-जाँ हवस-ए-क़रार भी अब नहीं

  - Jaun Elia
हुआनसीबक़रार-ए-जाँहवस-ए-क़रारभीअबनहीं
तिराइंतिज़ारबहुतकियातिराइंतिज़ारभीअबनहीं
तुझेक्याख़बरमह-ओ-सालनेहमेंकैसेज़ख़्मदिएयहाँ
तिरीयादगारथीइकख़लिशतिरीयादगारभीअबनहीं
गिलेरहेगुमाँरहेगुज़ारिशेंहैंगुफ़्तुगू
वोनिशात-ए-वादा-ए-वस्लक्याहमेंए'तिबारभीअबनहीं
रहेनाम-ए-रिश्ता-ए-रफ़्तगाँशिकायतेंहैंशोख़ियाँ
कोईउज़्र-ख़्वाहतोअबकहाँकोईउज़्र-दारभीअबनहीं
किसेनज़्रदेंदिल-ओ-जाँबहमकिनहींवोकाकुल-ए-खम-ब-ख़म
किसेहर-नफ़सकाहिसाबदेंकिशमीम-ए-यारभीअबनहीं
वोहुजूम-ए-दिल-ज़दगाँकिथातुझेमुज़्दाहोकिबिखरगया
तिरेआस्तानेकीख़ैरहोसर-ए-रह-ए-गुबारभीअबनहीं
वोजोअपनीजाँसेगुज़रगएउन्हेंक्याख़बरहैकिशहरमें
किसीजाँ-निसारकाज़िक्रक्याकोईसोगवारभीअबनहीं
नहींअबतोअहल-ए-जुनूँमेंभीवोजोशौक़-ए-शहरमेंआमथा
वोजोरंगथाकभीकू-ब-कूसर-ए-कू-ए-यारभीअबनहीं
  - Jaun Elia
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