chaand paane ko dil ye ma | चाँद पाने को दिल ये मचलता रहा

  - Javed Aslam
चाँदपानेकोदिलयेमचलतारहा
जबमिलातोवोशक्लेंबदलतारहा
रस्म-ए-उलफ़तकीडोरीटूटीकभी
वोभीचलतारहामैंभीचलतारहा
दुश्मनोंसेनहींडररफ़ीक़ोंसेथा
वोगिरातेरहेमैंसँभलतारहा
ज़िन्दगीकीघड़ीतेज़चलतीरही
रातढलतीरहीदिनफिसलतारहा
नफ़रतोंकेनगरप्यारकीबस्तियाँ
रेलचलतीरहीसबनिकलतारहा
हमतमाशाई'असलम'बनेरहगए
येजहाँआसमाँकोनिगलतारहा
  - Javed Aslam
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