हमअपनेशिकस्ताजिस्मोंऔरअपाहिजरूहोंकेसाथ
ज़िंदगीबसरकररहेथे
इसअपाहिज-पनकोदूरकरनेकेलिए
एकदूसरेकेजिस्मोंऔरनज़्मोंमेंपनाह-गुज़ींहुए
तो
ताकमेंबैठेवहशतोंकेदरिंदोंने
हमारेजिस्मोंकोनिगललिया
औरहमेंइंसानसेगिधबनादिया
हमेंनख़त्महोनेवालीभूकनेआलिया
अबहमअपनेसाथसाथ
अपनीनज़्मोंकीमासबोटियाँभीनोचतेहैं