ज़ातकीआसूदगीकेसबजतनकरतारहूँ
ताएरोंकेसंगउड़कर
आसमाँकीझिलमिलातीनीलगूँसीगोदमेंइख़्लासकीगर्मी
मोहब्बतकीतपिशको
हरघड़ीमैंढूँढताफिरतारहूँ
याकभीअपनेख़यालोंकीरिदाओढ़े
मैंधरतीकेखुलेसीनेपेसररखकर
औरअपनीबाँहेंउसकेगर्दलिपटानेकीकोशिशमें
जहाँभरकेगिले-शिकवेघनेबालोंमें
आँखोंसेछिनेमोतीसमझकेडालताजायाकरूँँ
याकभीमैंना-रसाईकेसमुंदरमें
किसीछोटीसीमछलीकीतरह
अपनेतहफ़्फ़ुज़औरअपनीज़िंदगानीको
ख़ुशीकेख़ूब-सूरतआसमानीसातरंगोंके
किसीनादीदासाँचेमें
बदलदेनेकाऐसामक्र-ओ-फ़नकरतारहूँ
ज़ातकीआसूदगीकेसबजतनकरतारहूँ