आज तक दिल की आरज़ू है वही

  - Jaleel Manikpuri
आजतकदिलकीआरज़ूहैवही
फूलमुरझागयाहैबूहैवही
सौबहारेंजहाँमेंआईगईं
माया-ए-सद-बहारतूहैवही
जोहोपूरीवोआरज़ूहीनहीं
जोपूरीहोआरज़ूहैवही
मानलेताहूँतेरेवादेको
भूलजाताहूँमैंकितूहैवही
तुझसेसौबारमिलचुकेलेकिन
तुझसेमिलनेकीआरज़ूहैवही
सब्रजाएइसकीक्याउम्मीद
मैंवही,दिलवहीहै,तूहैवही
होगईहैबहारमेंकुछऔर
वर्नासाग़रवहीसुबूहैवही
उम्रगुज़रीतलाशमेंलेकिन
गर्मी-हा-ए-जुस्तुजूहैवही
मय-कदेका'जलील'रंगपूछ
रक़्स-ए-जाम-ओ-ख़ुम-ओ-सुबूहैवही
  - Jaleel Manikpuri
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