isee bais to duniya ki museebat gham nahin hoti | इसी बाइ'से तो दुनिया की मुसीबत ग़म नहीं होती

  - Jaleel Allahabadi
इसीबाइ'सेतोदुनियाकीमुसीबतग़मनहींहोती
येदुनियाग़मतोदेतीहैशरीक-ए-ग़मनहींहोती
चराग़ोंमेंलहूइंसानियतकाजगमगाताहै
मगरइंसानियतकीचश्म-ए-कमपुर-नमनहींहोती
ख़ुशीमहसूसकरताहूँतोदुनियासाथदेतीहै
मुसीबतमेंमगरआमादा-ए-मातमनहींहोती
ख़ुशीकीशम्अ'तोदोस्तज़दमेंभीजातीहै
मगरदाग़-ए-जिगरकीरौशनीमद्धमनहींहोती
सलीक़ाचाहिएआवाज़कोपहचानलेनेका
नवा-ए-शाइ'रीहरदमनवा-ए-ग़मनहींहोती
'जलील'उनसेबिछड़करइकज़मानाहोगयालेकिन
अभीतकमेरेअश्कोंकीरवानीकमनहींहोती
  - Jaleel Allahabadi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy