sabeel-e-sajda-e-na-mukhtatam banaate hue | सबील-ए-सज्दा-ए-ना-मुख़्ततम बनाते हुए

  - Jaleel 'Aali'
सबील-ए-सज्दा-ए-ना-मुख़्ततमबनातेहुए
ख़ुदातकआएहैंक्याक्यासनमबनातेहुए
ग़ुरूर-ए-इश्क़मेंइकइंकिसार-ए-फ़क़्रभीहै
ख़मीदा-सरहैंवफ़ाकोअलमबनातेहुए
तिरेख़यालकीरौहैकिकोईमौज-ए-तरब
गुज़ररहीहैअजबज़ेर-ओ-बमबनातेहुए
जबीन-ए-वक़्तपेसब्तअपनानक़्शउसनेकिया
दिलोंकेदाग़चराग़-ए-हरमबनातेहुए
तोक्याज़रूरकितहक़ीरख़ल्क़करतेफिरो
इकअपनाअक्स-ए-अनामुहतशमबनातेहुए
गुज़ारतेहैंकहाँज़िंदगीगुज़रतीहै
बसएकराहब-सू-ए-अदमबनातेहुए
  - Jaleel 'Aali'
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