lamhon men ek umr ki mehnat KHaraab ki | लम्हों में एक उम्र की मेहनत ख़राब की

  - Jahanzeb Sahir
लम्होंमेंएकउम्रकीमेहनतख़राबकी
इसधूपनेमकानकीरंगतख़राबकी
रस्तेमेंफूलदेखकेहमलोगडरगए
किसनेहमारेपाँवकीआदतख़राबकी
उजलत-पसंदहाथमेंआएहुएथेहम
कुछगाहकोंनेपूछकेक़ीमतख़राबकी
या'नीमैंउसकेबा'दभीख़ुशहूँयेसोचकर
कमरेकीजान-बूझकेहालतख़राबकी
वैसेयेइश्क़कौनसालिक्खाथाबख़्तमें
हमनेतोअपनीआपहीक़िस्मतख़राबकी
किसनेहमारेनामपेबेचेहैंक़हक़हे
किसनेहमारेनामकीशोहरतख़राबकी
तंगकेआसमाँसेनिकालागयाहमें
थोड़ीबहुतजोथीयहाँवक़अतख़राबकी
'साहिर'जुनून-ए-शौक़मेंक्याक्यानहींकिया
मिट्टीपलीदकीकभीइज़्ज़तख़राबकी
  - Jahanzeb Sahir
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