muddat hui us jaan-e-haya ne ham se ye iqaar kiya | मुद्दत हुई उस जान-ए-हया ने हम से ये इक़रार किया

  - Jaan Nisar Akhtar
मुद्दतहुईउसजान-ए-हयानेहमसेयेइक़रारकिया
जितनेभीबदनामहुएहमउतनाउसनेप्यारकिया
पहलेभीख़ुश-चश्मोंमेंहमचौकन्नासेरहतेथे
तेरीसोईआँखोंनेतोऔरहमेंहोशियारकिया
जातेजातेकोईहमसेअच्छेरहनाकहतोगया
पूछेलेकिनपूछनेवालेकिसनेयेबीमारकिया
क़तराक़तरासिर्फ़हुआहैइश्क़मेंअपनेदिलकालहू
शक्लदिखाईतबउसनेजबआँखोंकोख़ूँ-बारकिया
हमपरकितनीबारपड़ेयेदौरेभीतन्हाईके
जोभीहमसेमिलनेआयामिलनेसेइंकारकिया
इश्क़मेंक्यानुक़साननफ़ाहैहमकोक्यासमझातेहो
हमनेसारीउम्रहीयारोदिलकाकारोबारकिया
महफ़िलपरजबनींदसीछाईसबकेसबख़ामोशहुए
हमनेतबकुछशे'रसुनायालोगोंकोबेदारकिया
अबतुमसोचोअबतुमजानोजोचाहोअबरंगभरो
हमनेतोइकनक़्शाखींचाइकख़ाकातय्यारकिया
देशसेजबप्रदेशसिधारेहमपरयेभीवक़्तपड़ा
नज़्मेंछोड़ीग़ज़लेंछोड़ीगीतोंकाबेवपारकिया
  - Jaan Nisar Akhtar
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