paagal hooñ main zaraa aur banaane lagii hain vo | पागल हूँ मैं, ज़रा और बनाने लगी हैं वो

  - Harsh Jani
पागलहूँमैं,ज़राऔरबनानेलगीहैंवो
मेरेदिल-ओ-दिमाग़पेछानेलगीहैंवो
दिनमेंमेरेख़यालोंमेंआतीहैंठीकथा
रातोंकोमेरेख़्वाबोंमेंआनेलगीहैंवो
एकरातजाकरजबसेलौटआईहैं
हररातडरताहूँमैंकेजानेलगीहैंवो
एकनज़्ममेरेबरसोंसेअधूरीपड़ीथी
शुक्रहैंउसेदेखकरठिकानेलगीहैंवो
  - Harsh Jani
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