ai chaand | "ऐ चाँद"

  - Shayar Bhushan
"ऐचाँद"
चलकुछबातेंकरतेहैं
मेरामहबूबदूरहैमुझसेे
परएकसुकूनतोहै
किवोभीदेखताहोगातुझे
एकयक़ीनतोहै
किवोभीयादकरताहोगामुझे
चाँद
वोशौक़ीनतोहैदिनकेउजालोंका
परइंतज़ारतोवोभीकरताहोगा
मेरेसवालोंका
सवालहाँसवाल
जोतूनेपूछनेहैं
मेरीमोहब्बतसे
आख़िरकबहोगीवोरात
जबहमतुझेदेखेंगे
एकहीछतसे
चाँद
येतोनहींपताकितूपूछेगायानहीं
येभीनहींपताकिवोबताएगायानहीं
परइतनायक़ीनहैमुझे
किवोभीदेखताहोगातुझे
चाँद
  - Shayar Bhushan
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