hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Irshad 'Arsh'
itne shikwe hain zindagi se mujhe
itne shikwe hain zindagi se mujhe | इतने शिकवे हैं ज़िंदगी से मुझे
- Irshad 'Arsh'
इतने
शिकवे
हैं
ज़िंदगी
से
मुझे
फिर
भी
नफ़रत
है
ख़ुद-कुशी
से
मुझे
- Irshad 'Arsh'
Download Sher Image
जीत
ले
दुनिया
को
बिन
हथियार
के
कृष्ण
की
बंसी
में
ऐसे
राग
हैं
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
10 Likes
जब
मसअले
न
हल
हो
सकें
बात-चीत
से
फिर
जंग
ही
लड़ो
कि
ज़माना
ख़राब
है
shaan manral
Send
Download Image
4 Likes
जंग
तो
ख़ुद
ही
एक
मसअला
है
जंग
क्या
मसअलों
का
हल
देगी
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
47 Likes
ज़िन्दगी,
यूँँ
भी
गुज़ारी
जा
रही
है
जैसे,
कोई
जंग
हारी
जा
रही
है
जिस
जगह
पहले
से
ज़ख़्मों
के
निशां
थे
फिर
वहीं
पे
चोट
मारी
जा
रही
है
Read Full
Azm Shakri
Send
Download Image
38 Likes
दश्त
छोड़े
हुए
अब
तो
अर्सा
हुआ
मैं
हूँ
मजनूँ
मगर
नाम
बदला
हुआ
मुझको
औरत
के
दुख
भी
पता
हैं
कि
मैं
एक
लड़का
हूँ
बेवा
का
पाला
हुआ
Read Full
Rishabh Sharma
Send
Download Image
35 Likes
कभी
तो
ख़त्म
हो
ये
जंग
जिस
में
फ़क़त
मरने
को
जीना
पड़
रहा
है
Read Full
Anand Verma
Send
Download Image
21 Likes
दुश्मनी
का
सफ़र
इक
क़दम
दो
क़दम
तुम
भी
थक
जाओगे
हम
भी
थक
जाएँगे
Bashir Badr
Send
Download Image
42 Likes
नाज़
क्या
इस
पे
जो
बदला
है
ज़माने
ने
तुम्हें
मर्द
हैं
वो
जो
ज़माने
को
बदल
देते
हैं
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
27 Likes
मुझ
से
नफ़रत
है
अगर
उस
को
तो
इज़हार
करे
कब
मैं
कहता
हूँ
मुझे
प्यार
ही
करता
जाए
Iftikhar Naseem
Send
Download Image
29 Likes
अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
35 Likes
Read More
कुछ
न
करने
के
सौ
बहाने
हैं
करना
चाहो
तो
क्या
नहीं
होता
Irshad 'Arsh'
Send
Download Image
2 Likes
भला
है
के
तु
ही
मय्यसर
है
मुझ
को
तेरा
जो
न
होता
किसी
का
न
होता
Irshad 'Arsh'
Send
Download Image
6 Likes
बला
कि
आफ़तें
सिर
पे
उठा
के
चलते
हैं
हम
अपना
हौसला
ख़ुद
ही
बढ़ा
के
चलते
हैं
Irshad 'Arsh'
Send
Download Image
3 Likes
वो
मोहब्बत
में
गिरफ़्तार
हो
भी
सकता
है
आदमी
है
तो
गुनहगार
हो
भी
सकता
है
वक़्त
के
साथ
बदलते
हुऐ
देखा
है
उसे
आज
दुश्मन
है
तो
कल
यार
हो
भी
सकता
है
नया
किरदार
कहानी
में
उतर
आया
तो
ख़त्म
देखो
मेरा
क़िरदार
हो
भी
सकता
है
हाकि
में
वक़्त
की
जो
मैंने
शिकायत
की
है
अब
मुख़ालिफ़
मेरा
अख़बार
हो
भी
सकता
है
Read Full
Irshad 'Arsh'
Download Image
4 Likes
मेरी
दुनिया
से
चाहत
घट
रही
है
मैं
दलदल
से
निकलता
जा
रहा
हूँ
Irshad 'Arsh'
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Maikada Shayari
Dil Shayari
Kashti Shayari
Faasla Shayari
Diwangi Shayari