दर-ओ-दीवारकीज़दसेनिकलनाचाहताहूँमैं
हवा-ए-ताज़ातेरेसाथचलनाचाहताहूँमैं
वोकहतेहैंकिआज़ादीअसीरीकेबराबरहै
तोयूँँसमझोकिज़ंजीरेंबदलनाचाहताहूँमैं
नुमूकरनेकोहैमेरालहूक़ातिलकेसीनेसे
वोचश्माहूँकिपत्थरसेउबलनाचाहताहूँमैं
बुलंदओपस्तदुनियाफ़ैसलाकरनेनहींदेती
किगिरनाचाहताहूँयासँभलनाचाहताहूँमैं
मोहब्बतमेंहवसकासामज़ामिलनाकहाँमुमकिन
वोसिर्फ़इकरौशनीहैजिसमेंजलनाचाहताहूँमैं