yahii to shams lagti hain yahii mahtaab kii aañkhen | यही तो शम्स लगती हैं यही महताब की आँखें

  - Inshpa Ilahabadi
यहीतोशम्सलगतीहैंयहीमहताबकीआँखें
यक़ीननख़ूब-सूरतहैंयहाँहरख़्वाबकीआँखें
बदनहैफूलकेजैसेनज़रशमशीरकेमाफ़िक
उठेतोजानहीलेलेंइधरअहबाबकीआँखें
पड़ासूखाहुआहैऔरदुनियारेतकामंज़र
बरसतेहैंवहाँबादलजहाँहैंआबकीआँखें
पलटकरकेजिसेदेखेउसेआग़ोशमेंलेले
सियासतख़ूबकरतीहैयहाँअहज़ाबकीआँखें
किमेरादिलनहींलगताबिनाउसकेकहींइकपल
करिश्माकरचुकीशायदनज़रसेताबकीआँखें
  - Inshpa Ilahabadi
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