हर एक शख़्स मुहब्बत में ढल रहा है आज

  - Anuraag Pathak 'anuj'
हरएकशख़्समुहब्बतमेंढलरहाहैआज
मिराहीदिलहैजोबेबाकचलरहाहैआज
किसीकिसीकोख़बरहैमैंकैसाइंसाँहूँ
जोबे-ख़बरथावोअबहाथमलरहाहैआज
कोईरिश्ताहैकोईआश्नाउससेे
ज़मानाजानताहैफिरभीजलरहाहैआज
जोदेखतेहोयेमौसमसुहानाऔरहसीं
येसिर्फ़हँसनेसेउसकेबदलरहाहैआज
डराडरासाकभीरहताथाजोशख़्सयहाँ
किसीकेप्यारकेआँचलमेंपलरहाहैआज
दु'आकु़बूलभीकीजारहीहैमेरीअब
सोधीरेधीरेवोदिलसेनिकलरहाहैआज
नसीबनेमिरेकरवटकुछइसतरहबदली
किएकपलकासुकूँतकफिसलरहाहैआज
येकश्मकशहीहोतीजोमौतजाती
वोशख़्सझूठपेझूठअबउगलरहाहैआज
उसेबसएकदफ़ादेखनाथादेखलिया
तुमअबपूछोकिकितनासफलरहाहैआज
येसरकशीहैयाआवारगीहैमेरी'अनुज'
मिराहीजिस्ममुझेहीनिगलरहाहैआज
  - Anuraag Pathak 'anuj'
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