suraj naye baras ka mujhe jaise das gaya | सूरज नए बरस का मुझे जैसे डस गया

  - Iftikhar Naseem
सूरजनएबरसकामुझेजैसेडसगया
तुझसेमिलेहुएमुझेयेभीबरसगया
बहतीरहीनदीमिरेघरकेक़रीबसे
पानीकोदेखनेकेलिएमैंतरसगया
मिलनेकीख़्वाहिशेंसभीदमतोड़तीगईं
दिलमेंकुछऐसेख़ौफ़बिछड़नेकाबसगया
दीवारदरझुलसतेरहेतेज़धूपमें
बादलतमामशहरसबाहरबरसगया
तलवोंमेंनर्मघासभीचुभनेलगी'नसीम'
सहराकुछइसतरहमिरेपैरोंमेंबसगया
  - Iftikhar Naseem
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