is tarah soi hain aañkhen jaagte sapnon ke saath | इस तरह सोई हैं आँखें जागते सपनों के साथ

  - Iftikhar Naseem
इसतरहसोईहैंआँखेंजागतेसपनोंकेसाथ
ख़्वाहिशेंलिपटीहोंजैसेबंददरवाज़ोंकेसाथ
रात-भरहोतारहाहैउसकेआनेकागुमाँ
ऐसेटकरातीरहीठंडीहवापर्दोंकेसाथ
एकलम्हेकातअ'ल्लुक़उम्रभरकारोगहै
दौड़तेफिरतेरहोगेभागतेलम्होंकेसाथ
मैंउसेआवाज़देकरभीबुलासकताथा
इसतरहटूटेज़बाँकेराब्तेलफ़्ज़ोंकेसाथ
एकसन्नाटाहैफिरभीहरतरफ़इकशोरहै
कितनेचेहरेआँखमेंफैलेहैंआवाज़ोंकेसाथ
जानी-पहचानीहैंबातेंजाने-बूझेनक़्शहैं
फिरभीमिलताहैवोसबसेमुख़्तलिफ़चेहरोंकेसाथ
दिलधड़कताहीनहींहैउसकोपाकरभी'नसीम'
किसक़दरमानूसहैयेनित-नएसदमोंकेसाथ
  - Iftikhar Naseem
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