vo gul vo khwab-shaar bhi nahin raha | वो गुल वो ख़्वाब-शार भी नहीं रहा

  - Idris Babar
वोगुलवोख़्वाब-शारभीनहींरहा
सोदिलयेख़ाकसारभीनहींरहा
येदिलतोउसकेनामकापड़ावहै
जहाँवोएकबारभीनहींरहा
पड़ाहैख़ुदसेवास्ताऔरइसकेब'अद
किसीकाए'तिबारभीनहींरहा
येरंजअपनीअस्लशक्लमेंहैदोस्त
किमैंइसेसँवारभीनहींरहा
येवक़्तभीगुज़रनहींरहाहैऔर
मैंख़ुदइसेगुज़ारभीनहींरहा
  - Idris Babar
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