dair-o-haram men dasht-o-bayaaban-o-baagh men | दैर-ओ-हरम में दश्त-ओ-बयाबान-ओ-बाग़ में

  - Ibraheem Hosh
दैर-ओ-हरममेंदश्त-ओ-बयाबान-ओ-बाग़में
ढूँडोमुझकोमैंहूँख़ुदअपनेसुराग़में
हाँअसीरोख़ैरसेहोकिससुराग़में
खिलतेहैंअबतोफूलहवा-बस्तबाग़में
इसबर्फ़-ज़ारमेंभीजलातीहीजातीहै
वोइकशबीहजोहैनिहाँदिलकेदाग़में
रहताहैअबज़मीनपेवोआसमाँ-पसंद
हाँवोख़जिलथाजिससेख़ुदाभीदिमाग़में
मुमकिननहींकिग़ारमेंदिलकेउतरसके
माँगेकीरौशनीहैतुम्हारेचराग़में
क्याक़द्रवोकरेंगेकिसीख़ुश-नवाकी'होश'
तफ़रीक़करसकेंजोक़ुमरी-ओ-ज़ाग़में
  - Ibraheem Hosh
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