dekh hamaare maathe par ye dast-e-talab ki dhool miyaan | देख हमारे माथे पर ये दश्त-ए-तलब की धूल मियाँ

  - Ibn E Insha
देखहमारेमाथेपरयेदश्त-ए-तलबकीधूलमियाँ
हमसेअजबतिरादर्दकानातादेखहमेंमतभूलमियाँ
अहल-ए-वफ़ासेबातकरनाहोगातिराउसूलमियाँ
हमक्यूँँछोड़ेंउनगलियोंकेफेरोंकामामूलमियाँ
यूँँहीतोनहींदश्तमेंपहुँचेयूँँहीतोनहींजोगलिया
बस्तीबस्तीकाँटेदेखेजंगलजंगलफूलमियाँ
येतोकहोकभीइश्क़कियाहैजगमेंहुएहोरुस्वाभी?
इसकेसिवाहमकुछभीपूछेंबाक़ीबातफ़ुज़ूलमियाँ
नस्बकरेंमेहराब-ए-तमन्नादीदादिलकोफ़र्शकरें
सुनतेहैंवोकू-ए-वफ़ामेंआजकरेंगेनुज़ूलमियाँ
सुनतोलियाकिसीनारकीख़ातिरकाटाकोहनिकालीनहर
एकज़रासेक़िस्सेकोअबदेतेक्यूँँहोतूलमियाँ
खेलनेदेंउन्हेंइश्क़कीबाज़ीखेलेंगेतोसीखेंगे
'क़ैस'कीया'फ़रहाद'कीख़ातिरखोलेंक्यास्कूलमियाँ
अबतोहमेंमंज़ूरहैयेभीशहरसनिकलींरुस्वाहूँ
तुझकोदेखाबातेंकरलींमेहनतहुईवसूलमियाँ
'इंशा'जीक्याउज़्रहैतुमकोनक़्द-ए-दिल-ओ-जाँनज़्रकरो
रूप-नगरकेनाकेपरयेलगताहैमहसूलमियाँ
  - Ibn E Insha
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