yaad aati hai kisi kii | याद आती है किसी की

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
यादआतीहैकिसीकी
बातहैक्यायेख़ुशीकी
रातजगकरकाटताहूँ
येसज़ाहैआशिक़ीकी
प्यारलड़कीबसतिराअब
हैज़रूरतज़िंदगीकी
सचकहूँतोबालपनसे
बसतिरीहीबंदगीकी
सचकहूँतोमैंनेशायद
दिलसेअपनेदिल-लगीकी
लगरहाहैकुछदिनोंसे
हैज़रूरतख़ुद-कुशीकी
जानजाएगीक़समसे
इसमुहब्बतमेंसभीकी
जीतनेकीआरज़ूहै
आदमीसेआदमीकी
नामलेंगेसबमिराजब
बातहोगीबे-ख़ुदीकी
मैंनेइसकोहैलिखापर
येग़ज़लहैहरकिसीकी
अबज़राइज़्ज़तकरोतुम
यार'सागर'ज़िंदगीकी
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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