vo muhabbat kii gali hai mat udhar jaana miyaan | वो मुहब्बत की गली है मत उधर जाना मियाँ

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
वोमुहब्बतकीगलीहैमतउधरजानामियाँ
सामनेपड़जाएतोबचकरगुज़रजानामियाँ
मसअलाकुछभीनहींहैबातबसइतनीसीहै
जानलेवाहैमुहब्बतइससेेडरजानामियाँ
रास्ताकोईनहींगरदेखताहोफिरभीतुम
देरसेबिल्कुलनहींघरवक़्तपरजानामियाँ
रास्ताबीवीहीदेखेयेज़रूरीतोनहीं
इसलिएमेरीसुनोघरवक़्तपरजानामियाँ
वक़्तजबभीहोबुराऔरकुछसमझआएनहीं
वोकरेगाठीकसब-कुछउसकेदरजानामियाँ
इसतरहसेज़िंदगीजीनाकिमरनाहैनहीं
मौतआएजबभीतोहँसकरकेमरजानामियाँ
हाथहैंदोनोंहीतेरेसोचलेकरनाहैक्या
ज़िंदगीबर्बादकरनायासुधरजानामियाँ
चारदिनकीज़िंदगीहैकाटकरदोकामपर
चारख़ुशियाँलेकेजानाजबभीघरजानामियाँ
इकतरफ़हैप्यारतेराइकतरफ़सम्मानहै
पूछना'सागर'सेआकरहैकिधरजानामियाँ
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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