sabhi ka hai vo bas hamaara nahin | सभी का है वो बस हमारा नहीं

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
सभीकाहैवोबसहमारानहीं
यहीबातदिलकोगवारानहीं
मुहब्बतनेमेरीहैमारामुझे
मुझेमौतनेमेरीमारानहीं
मैंख़ुदहीकरूँँगाकरूँँगाजोभी
मुझेअबकिसीकासहारानहीं
मिरेवक़्तपेहैभरोसामुझे
येमेराकरेगाख़सारानहीं
ख़ुदाकोनहींमानताशख़्सजो
उसेभीख़ुदानेबिसारानहीं
रक़ीबोसुनोध्यानसेबाततुम
हमाराहैअबवोतुम्हारानहीं
मुझेचाहिएअबनईज़िंदगी
पुरानीमेंहोगागुज़ारानहीं
मुझेइश्क़उससेहैबे-हदमगर
उसेमैंज़रासाभीप्यारानहीं
सहेदर्दमैंनेबड़ेप्यारसे
मददकोकिसीकोपुकारानहीं
येमानाकिशादीनहींमैंनेकी
मगरमैंमरूँगाकँवारानहीं
मैं'सागर'हूँक्याइसलिएहीमुझे
कभीभीमिलेगाकिनारानहीं
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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