मुझे इश्क़ का तीर जब से लगा है

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
मुझेइश्क़कातीरजबसेलगाहै
मैंख़ुशहूँमगरयेज़मानाख़फ़ाहै
मुझेउसकेबारेमेंकुछतोबताओ
सुनाहैचमनमेंनयागुलखिलाहै
जोकहताहैमुझकोबुराउसकीख़ातिर
मिरेपासछोटासाइकआइनाहै
मिरेघरकोग़मछोड़तेहीनहींहैं
मिरेघरमेंकोईबुरीआत्माहै
तिरेनामकीआरतीकररहीहैं
अभीध्यानसेधड़कनोंकोसुनाहै
मैंहरजन्ममेंप्यारतुझसेकरूँगा
ये''आशिक़कातेरेअटलफ़ैसलाहै
भरोसाज़रासोचकेकरना'सागर'
ज़मानेकाहरआदमीदोग़लाहै
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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