main parindon ka joda udaata nahin | मैं परिंदों का जोड़ा उड़ाता नहीं

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
मैंपरिंदोंकाजोड़ाउड़ातानहीं
मुझभलेकोबुराकरनाआतानहीं
देखलेताहूँफूलोंकोमैंआँखभर
तोड़करउनसेेमहफ़िलसजातानहीं
आँखनमहैमिरीऔरकारनहोतुम
येअलगबातहैमैंबतातानहीं
जानदेनेकीबातेंहीहोतीहैंबस
इश्क़मेंजानकोईलुटातानहीं
ज़िंदगीकाटनीहैअकेलेमुझे
इसलिएदर्दअपनेबतातानहीं
वोकिसीऔरसेइश्क़करनेलगा
हाथभीग़ैरसेमैंमिलातानहीं
हरकिसीकेमुक़द्दरमेंहैदोस्तो
इश्क़'सागर'केहिस्सेहीआतानहीं
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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