maan rakh lo mirii jaañ mirii baat ka | मान रख लो मिरी जाँ मिरी बात का

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
मानरखलोमिरीजाँमिरीबातका
वक़्त'आशिक़कोदेदोमुलाक़ातका
दिनगुज़रजाएगादौड़तेभागते
कुछकरोफ़ैसलाआजकीरातका
ज़िंदगीहैफँसीबीचमँझधारमें
अबसहाराहैमुझकोतिरेसाथका
साथभाईकाअपनेनहींदेसका
मुझकोखाजाएगादुखइसीबातका
जाननाहैअगरक़ैदहोतीहैक्या
एकचक्करलगालोहवालातका
फूलसेतितलियाँमैंउड़ादूँमगर
ख़ूनकरतानहींहूँमैंजज़्बातका
जीतनाहारनासोचकीबातहै
दोषहोतानहींइस
मेंहालातका
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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