मुहब्बतआगकादरियाक़समसेतैरजातीहै
मुहब्बतकोमुहब्बतसेमुहब्बतजबबुलातीहै
नखानाहीभलालागेनमनपीनेकाहोकुछभी
सितमगरजबतिरे'आशिक़कोतेरीयादआतीहै
जोपैदामर्दकरतीहैउसीऔरतकोयेदुनिया
कभीकमज़ोरकहतीहैकभीआँखेंदिखातीहै
कभीकमज़ोरमतकहनाकिसीऔरतकोतुममर्दों
यहाँहरआदमीकोमर्दऔरतहीबनातीहै
चलीआतीहैक़िस्मतकामयाबीसाथमेंलेकर
मिरेयारोपसीनेसेजवानीजबनहातीहै
मुहब्बतथामुहब्बतहूँमुहब्बतहीरहूँगामैं
मगरदुनियानजानेक्यूँँमुझे'सागर'बुलातीहै