वोजीतानहींफिरहमेशाहीहारा
जिसेइसजहाँमेंमुहब्बतनेमारा
किसीऔरकेहाथमेंहाथउसका
नहींदेखनाथामुझेयेनज़ारा
मुहब्बतमेंकोईउठातानहींहै
किमैंनेउठायाहैजितनाख़सारा
जिसेचाँदमैंनेबनाकेथारक्खा
वोख़ुशहैकिसीऔरकाबनकेतारा
येमानाफँसाहूँमैंमँझधारमेंपर
किसीदिनमिलेगामुझेभीकिनारा
येजीवनतोऐसेनहींकटसकेगा
अभीजिसतरहहोरहाहैगुज़ारा
बिठायाहैमहफ़िलनेपलकोंमेंउसको
येदुनियासमझतीथीजिसकोनकारा
अभीतोजहाँमेंअकेलाहै'सागर'
लगेगाकिसीकोकभीवोभीप्यारा