dil kaise hote hain patthar ke | दिल कैसे होते हैं पत्थर के

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
दिलकैसेहोतेहैंपत्थरके
जानाहैमैंनेउल्फ़तकरके
मयख़ानेमेंजितनेबैठेहैं
सारेलड़केहैंअच्छेघरके
उनकामरजानाहीबेहतरहै
जोहरदिनजीतेहैंमरमरके
सच्चीबातेंकड़वीलगतीहैं
देखाहैसच्चीबातेंकरके
हरशयमेंरामनज़रआएँगे
जबरावनमारोगेअंदरके
हरग़मछूमंतरहोजाएगा
जबदरपेजाओगेशंकरके
मैंदिलकीबातबताऊँतुमको
तुमदिलमेंरहतेहो'सागर'के
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy