hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
SAAGAR SINGH RAJPUT
Aaj tujh se savaal karte hain
आज तुझ से सवाल करते हैं
- SAAGAR SINGH RAJPUT
आज
तुझ
से
सवाल
करते
हैं
ग़म
तिरे
क्यूँँ
निढाल
करते
हैं
मैंने
देखा
है
ये
शरीफ़ों
का
लोग
जीना
मुहाल
करते
हैं
मेरे
दिल
को
है
वस्ल
की
चाहत
और
वो
आज-काल
करते
हैं
जेब
जितनी
भरी
हों
पैसों
से
लोग
उतना
ख़याल
करते
हैं
आज-कल
लोग
पीठ
के
पीछे
सिर्फ़
हैज़ुर-रिजाल
करते
हैं
आप
ये
काम
छोड़
दो
साहिब
इश्क़
तो
नौनिहाल
करते
हैं
- SAAGAR SINGH RAJPUT
Download Ghazal Image
सभी
का
है
वो
बस
हमारा
नहीं
यही
बात
दिल
को
गवारा
नहीं
मुहब्बत
ने
मेरी
है
मारा
मुझे
मुझे
मौत
ने
मेरी
मारा
नहीं
Read Full
SAAGAR SINGH RAJPUT
Send
Download Image
1 Like
जो
है
सही
ख़राब
है
ये
आज
का
हिसाब
है
हर
शख़्स
अब
शरीफ़
है
बे
यार
क्या
अज़ाब
है
मैं
आज
से
तिरा
नहीं
तुझको
मिरा
जवाब
है
देखा
उसे
अभी
अभी
खिलता
हुआ
गुलाब
है
मालूम
है
उसे
कि
वो
हर
इक
से
ला-जवाब
है
उसको
नहीं
पता
कि
वो
चढ़ती
हुई
शराब
है
उसको
नहीं
पसंद
मैं
क़िस्मत
मिरी
ख़राब
है
तुमने
क़ुबूल
कर
लिया
इस
बात
का
रुआब
है
कुछ
भी
नहीं
छुपा
हुआ
'सागर'
खुली
किताब
है
Read Full
SAAGAR SINGH RAJPUT
Download Image
1 Like
मिरी
जाँ
आजकल
'आशिक़
तुम्हारा
बेसहारा
है
तुम्हारी
याद
ही
जीने
का
मेरे
अब
सहारा
है
मिलूँगा
गर
कभी
तुम
सेे
बताऊँगा
तुम्हें
जानाँ
तुम्हारे
बाद
जो
मैंने
यहाँ
जीवन
गुज़ारा
है
Read Full
SAAGAR SINGH RAJPUT
Send
Download Image
1 Like
जो
मुहब्बत
की
जंग
हारेंगे
वो
ज़माने
को
मशवरा
देंगे
मेरी
आँखें
भी
पूछती
हैं
अब
क्या
कभी
अच्छे
दिन
भी
देखेंगे
हैं
ज़रूरी
बुज़ुर्ग
भी
लेकिन
नस्ल-ए-नौ
ही
जहाँ
को
बदलेंगे
मुझ
को
मालूम
है
अदू
के
साथ
मुझ
पे
अपने
भी
तीर
खींचेंगे
साफ़
निय्यत
से
काम
करते
जा
यार
'सागर'
नसीब
बदलेंगे
Read Full
SAAGAR SINGH RAJPUT
Download Image
0 Likes
धोखा
उसे
भी
दे
जाए
कोई
उसके
लिए
मेरी
बद्दुआ
है
उसका
नहीं
हो
कोई
जहाँ
में
उसके
लिए
बस
ये
ही
सज़ा
है
Read Full
SAAGAR SINGH RAJPUT
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
haseen Shayari
Jalwa Shayari
Khudkushi Shayari
Jahar Shayari
Qasid Shayari