ek din tumhaara chhoda hua sabkuchh | एक दिन तुम्हारा छोड़ा हुआ सबकुछ

  - Avijit Pandey
एकदिनतुम्हाराछोड़ाहुआसबकुछ
दफ़्नकरदियामैंने
कहींभीतर
बहुतभीतर
एकबंजरहोचुकीजगहमें।
कहींकोईपेड़याफूलनाउगआएवहाँ
इसडरसेउसजगहको
पत्थरोंसेपाटदियाथामैंने।
उसदिनकेबादसे
तुमजबभीमुझेदिखतीहो
उसबंजरजगहपरबारिशहोतीहै।
औरवहाँजबभीबारिशहोतीहै
तोपत्थरोंकीदरारोंसेदूबउगआतीहै।
उसकेबाददेरतकमुझसेे
तुम्हारीख़ुशबूआतीहै।
  - Avijit Pandey
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