ai KHuda meri kahaanii bhi mukammal ho kabhi | ऐ ख़ुदा मेरी कहानी भी मुकम्मल हो कभी

  - HARSH KUMAR
ख़ुदामेरीकहानीभीमुकम्मलहोकभी
शहरकेपासमेंइकछोटासाजंगलहोकभी
जोतिरेसाथहैंवोलोगहीज़िंदाहैंबस
इश्क़मेंकैसेकोईतिरीपागलहोकभी
रक़्सकरतेहैंकड़ीधूपमेंयेपागललोग
ख़ुदाइनकेभीतोबख़्तमेंबादलहोकभी
शाहज़ादीनेग़ुलामोंसेमोहब्बतकीहै
अबतोबनताहैकियेराज़मुक़फ़्फ़लहोकभी
  - HARSH KUMAR
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy