alag hai jaat apni ik bahaana tha | अलग है जात अपनी इक बहाना था

  - Dhirendra Pratap Singh
अलगहैजातअपनीइकबहानाथा
उसेदरअस्लमुझसेदूरजानाथा
हमारेपासतोहमभीनहींथेदोस्त
तुम्हारेसाथतोपूराज़मानाथा
लकड़हारेनेऊपरहीनहींदेखा
परिंदेकाशजरपेइकठिकानाथा
ख़फ़ाहोनेपेतुमभीहोगएग़ुस्सा
तुम्हेंतोपासकरकेमनानाथा
नसीहततुममुझेपहलेहीदेतेदोस्त
दिल-ओ-जाँइश्क़मेंकितनालगानाथा
उसेमासूमचेहरेसेमुहब्बतमें
जानेकितनोंकोपागलबनानाथा
कहानीमेरीउसड्रा
मेंकेजैसीहै
वोमेरेपासतुमहोजिस
मेंगानाथा
निभापाएनहींदोसालभीदोनों
जोरिश्तासातजन्मोंतकनिभानाथा
  - Dhirendra Pratap Singh
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